
ठाणे: ठाकरे गुट की शिवसेना के ठाणे विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या के मामले को एक महीना पूरा हो गया है। इस बीच, एकनाथ शिंदे की शिवसेना की ठाणे जिला महिला आघाड़ी प्रमुख मीनाक्षी शिंदे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री और शिवसेना के मुख्य नेता एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर अपने इस्तीफे की जानकारी दी है। इस मामले में पूर्णेकर परिवार पिछले एक महीने से मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है। ऐसे में मीनाक्षी शिंदे के इस्तीफे को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
आरोपों से आहत होने की बात कही
प्रदीप पूर्णेकर हत्याकांड के सिलसिले में मीनाक्षी शिंदे और उनके पति राजेंद्र शिंदे से पूछताछ की गई थी। मीनाक्षी शिंदे ने एकनाथ शिंदे को लिखे पत्र में दावा किया है कि जिस मामले से उनका कोई संबंध नहीं है, उसमें उनका नाम जोड़कर पार्टी नेतृत्व पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और राजनीतिक स्तर पर उनके खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। इन घटनाओं से उन्हें मानसिक पीड़ा हो रही है। उन्होंने पत्र में स्पष्ट किया कि उन्होंने हमेशा पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के लिए काम किया है और ऐसा कोई काम नहीं किया, जिससे पार्टी या नेतृत्व को शर्मिंदगी उठानी पड़े।
पार्टी की प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए इस्तीफा
मीनाक्षी शिंदे ने अपने पत्र में कहा कि जिस नेतृत्व का सम्मान बनाए रखने के लिए उन्होंने हमेशा काम किया, उसी नेतृत्व की बदनामी का कारण उनके चलते बने, यह विचार भी उन्हें स्वीकार नहीं है।
उन्होंने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी निष्ठा और कार्यों का मूल्यांकन आरोपों के आधार पर किया जा रहा है, जिससे उन्हें दुख पहुंचा है।
इसी वजह से उन्होंने ठाणे जिला महिला आघाड़ी प्रमुख के पद से इस्तीफा देने का फैसला किया। उन्होंने पत्र में कहा कि यह निर्णय नाराजगी के कारण नहीं, बल्कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व के सम्मान और पार्टी की प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए लिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके पक्ष और भावनाओं को समझा जाएगा।