
दोस्ती से प्यार तक के खूबसूरत एहसासों को बयां करता है गाना, पंकज पडघण के संगीत और सायली पंकज व शिवम सिंह की आवाज़ ने सजाया
मुंबई: दोस्ती के रिश्ते में कब और कैसे प्यार पनपने लगता है, इसका एहसास कई बार खुद लोगों को भी नहीं होता। एक-दूसरे को देखते हुए निगाहों का ठहर जाना, अनजाने में एक-दूसरे के करीब आने की चाह और दोस्ती से आगे बढ़ते रिश्ते की मीठी आहट… प्यार के इन्हीं खूबसूरत एहसासों को बयां करता आगामी मराठी फिल्म ‘मैत्रेया’ का रोमांटिक गाना ‘तुला पाहते’ रिलीज़ हो गया है।
इस गाने में आंखों से बयां होने वाली भावनाओं, एक-दूसरे को देखते हुए चेहरे पर खिलने वाली मुस्कान और एक नए रिश्ते की प्यारी शुरुआत को खूबसूरती से दिखाया गया है।
कभी अचानक नजरें मिलना, कभी एक-दूसरे को देखकर चेहरे पर मुस्कान आ जाना, तो कभी बिना कुछ कहे आंखों से दिल की बात कह देना… ऐसे छोटे-छोटे लम्हों के जरिए यह गाना उस एहसास को सामने लाता है, जब दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदलने लगती है।
संगीतकार पंकज पडघण के संगीत से सजे इस गाने को सायली पंकज और शिवम सिंह ने अपनी सुरीली आवाज़ दी है। वहीं, गुरु ठाकुर के लिखे बोल प्यार की नाजुक भावनाओं को खूबसूरती से व्यक्त करते हैं। संगीत, शब्दों और सुरों का शानदार मेल इस गाने को खास बनाता है। गाने में कलाकारों की सहज केमिस्ट्री और धीरे-धीरे करीब आते रिश्ते की भावनाएं इसे और भी दिलचस्प बनाती हैं।
क्रांति रेडकर वानखेड़े ने बताया गाने का भाव
फिल्म की लेखिका और निर्देशक क्रांति रेडकर वानखेड़े कहती हैं, “दोस्ती और प्यार के बीच एक बेहद खूबसूरत सीमा होती है। कई बार हमें पता ही नहीं चलता कि दोस्ती का रिश्ता कब प्यार की ओर बढ़ने लगता है। एक-दूसरे को देखने का बदला हुआ अंदाज, छोटी-छोटी बातों में व्यक्त होने वाली भावनाएं और अनजाने में पैदा होने वाला आकर्षण… इन्हीं से प्यार धीरे-धीरे पनपता है। ‘तुला पाहते’ गाने के जरिए प्यार की इसी नाजुक शुरुआत को दिखाने की कोशिश की गई है। उम्मीद है कि इस गाने की भावनाएं दर्शकों को उनकी जिंदगी के ऐसे ही खूबसूरत पलों की याद दिलाएंगी।”
संगीत के जरिए बयां हुई दिल की अनकही बातें
संगीतकार पंकज पडघण कहते हैं, “प्यार जताने के लिए हमेशा बड़े शब्दों या भव्य पलों की जरूरत नहीं होती। कभी एक नजर, मासूम-सी मुस्कान या एक-दूसरे के साथ बिताया हुआ पल भी बहुत कुछ कह जाता है। ‘तुला पाहते’ गाने के जरिए संगीत के माध्यम से प्यार की इन्हीं अनकही भावनाओं को सामने लाने का प्रयास किया गया है। उम्मीद है कि इस गाने को सुनते और देखते हुए दर्शक एक बार फिर प्यार में पड़ने के उस खास एहसास को महसूस करेंगे।”
‘मैत्रेया’ में दिखेंगे रिश्तों के कई रंग
फिल्म के निर्माता मनोज खळतकर कहते हैं, “हर रिश्ते की शुरुआत अलग होती है। कुछ रिश्ते दोस्ती से खिलते हैं, तो कुछ की शुरुआत एक नजर से होती है। ‘मैत्रेया’ में युवाओं की जिंदगी में बनने वाले ऐसे ही रिश्तों के अलग-अलग रंग देखने को मिलेंगे। ‘तुला पाहते’ गाना दोस्ती से आगे बढ़ते एक नए रिश्ते की आहट देता है। प्यार की नाजुक भावनाएं, कलाकारों के बीच सहज केमिस्ट्री और संगीत का खूबसूरत साथ इस गाने को दर्शकों के दिलों तक जरूर पहुंचाएगा, ऐसा मुझे विश्वास है।”
20 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी ‘मैत्रेया’
समर टाइम्स प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्म ‘मैत्रेया’ की लेखिका और निर्देशक क्रांति रेडकर वानखेड़े हैं। फिल्म के निर्माता मनोज खळतकर और सह-निर्माता अमन खळतकर हैं। फिल्म में समर, आयुषी, स्काय और रुची प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे।
दोस्ती, प्यार और युवाओं की जिंदगी में खिलते नए रिश्तों की कहानी कहने वाली यह मराठी फिल्म 20 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। फिल्म के रोमांटिक गाने ‘तुला पाहते’ ने दोस्ती से प्यार तक के सफर को एक खूबसूरत संगीतमय अंदाज में पेश किया है।